धरमघर (बागेश्वर)। धरमघर महोत्सव की दूसरी शाम लोक कलाकारों ने जमकर धमाल मचाया। नीलू जौहरी के गीत देवरा मोहना तेरि कैमुवे की गाड़ि गीत पर दर्शक भी उठकर नाचने लगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में दर्शक देर रात तक पंडाल में डटे रहे।
शनिवार की शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत कुमाऊं संस्कृति उत्थान समिति खर्कटम्टा के आनंद प्रसाद गड़िया की गणेश वंदना से हुई। इसके बाद टीम के कलाकारों ने हीरा समधनी, ओ रेनू कि भलि लागि रै छे हरिया साड़ी में सहित कई गीत प्रस्तुत किए। शेरू मर्तोलिया ने हिमा ह्यूं पड़ो डाना, लोकगायक कृष्ण प्रसाद ने तिलगा तेरी लंबी लटी गाया।
नीलू जौहरी की देवर मोहना तेरि केमुवे की गाड़ि पर पंडाल में बैठे दर्शक उठकर थिरकने को मजबूर हो गए। कोनी पाठक ने ओ नंदा सुनंदा तू दैंण हो जाए प्रस्तुत किया। नन्हीं दिया और चंद्र पंचपाल ने जोहारी वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति दी। मनीषा धामी, दिशा रावत ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लछिया रहा।
लछिया ने अपनी प्रस्तुतियों से दशकों को खूब लोटपोट किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम रात 2:30 बजे तक चलते रहे। इससे पूर्व महोत्सव समिति द्वारा कार्यक्रम के अतिथि पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण का बैज लगाकर स्वागत किया। केदार महर ने संचालन किया। वहां अर्जुन भट्ट, सतीश जोशी, गंगा सिंह, मनोहर पंचपाल, मनोज राठौर, सुंदर महरा, दीपक रावत आदि थे।