गरुड़ (बागेश्वर)। एवरेस्ट (8,848) मीटर की ऊंचाई फतह करने के बाद गांव लौटने पर अपने पैतृक गांव तैलीहाट क्षेत्र के लोगों ने गरुड़ बाजार और पैतृक गांव में ढोल, नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। पूजा ने कहा कि इनसान को जीवन में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। सफलता जरूर मिलेगी।
गरुड़ ब्लॉक के तैलीहाट गांव निवासी कक्षा 12 की छात्रा एनसीसी कैडेट पूजा मेहरा को बचपन से एडवेंचर का शौक था। एनसीसी के सहयोग से वह सियाचिन, नेपाल सहित कई चोटियां फतह कर चुकी हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पाये की एनसीसी प्रभारी दया रावत, एनसीसी के कर्नल कार्की प्रेरणा मार्गदर्शन मिलने से पूजा का चयन एवरेस्ट फतह के लिए हुआ।
एनसीसी की ओर से एवरेस्ट फतह के लिए जनवरी में पूजा का चयन हुआ। पूजा ने एवरेस्ट के लिए 21 मई को एवरेस्ट फतह किया। पूजा के घर लौटने पर खेलकूद संघ की ब्लॉक इकाई, व्यापार संघ, पत्रकार एवं साहित्यकार संगठन, मंगलमूर्ति संगठन सहित विभिन्न संगठनों ने पूजा का गांधी चबूतरे में भव्य स्वागत किया।
बेटी के एवरेस्ट फतह करने से पूजा के पिता चंदन सिंह मेहरा बेहद खुश है। कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व मंत्री गोपाल दत्त भट्ट, खेलकूद संघ नंदन सिंह अल्मिया ने पूजा को सम्मानित किया। वहां देवकी नंदन जोशी, व्यापार संघ के अध्यक्ष अखिल जोशी, रंजीत डसीला, पूरन मेहरा, कैलाश बोरा, बलवंत भंडारी, नरेंद्र आर्या, रंजीत रावत, चंदन बरोलिया आदि थे।
गरुड़ (बागेश्वर)। एवरेस्ट विजेता पूजा के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गांव की चौपाल में भव्य स्वागत किया। विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि गरुड़ की पूजा ने एवरेस्ट फतह कर उत्तराखंड राज्य का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि पूजा को उत्तराखंड सरकार हरसंभव मदद करेगी।
तैलीहाट गांव के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन मेहरा ने संचालन किया। वहां जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण, ग्राम प्रधान कमला काला, पूर्व प्रधान चंदन सिंह काला, खीम सिंह काला, रंजीत डसीला, दयाल काला, नंदन मेहरा, मंगल काला, आनंद नेगी, राजेंद्र काला, भगवत गिरी गोस्वामी थे।