जिलाधिकारी रंजना की पहल पर पलायन को रोकने के लिए आजीविका के संसाधनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 15 ग्राम पंचायतों को बंजर भूमि विकास के लिए चयनित किया गया है। डीएम ने रेखीय विभागों द्वारा चयनित इन ग्रामों के क्रियाकलापों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को परंपरागत फलोत्पादन, सब्जी उत्पादन और उद्यानीकरण वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की टीम के साथ रमाड़ी गांव में संतरे के कम उत्पादन होने के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए।
काश्तकारों को तकनीकी जानकारी देकर संतरा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करने को कहा। कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने रेशम विभाग को उत्पादन को बढ़ाने के लिए चयनित ग्रामों के अलावा संभावित क्षेत्रों में कलस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन और दुग्ध विकास विभाग को संयुक्त रूप से कार्य कर पशुपालकों को पशुओं में होने वाली बीमारियों एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने की तकनीकी सहायता प्रदान करने को कहा।
उन्होंने सभी रेखीय विभागों को 30 जून तक चयनित ग्रामों का भ्रमण कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए नोडल विभाग को कार्ययोजना उपलब्ध कराने को कहा। ताकि समय पर बजट उपलब्ध कराया जा सके। मनरेगा के तहत भूमि सुधारीकरण कार्यों को प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को एक सप्ताह के अंदर चयनित ग्रामों के मृदा परीक्षण रिर्पोट प्रस्तुत करने को कहा ताकि उसी के अनुसार संभावनाओं को तलाशा जा सके।
उन्होंने आजीविका और ग्राम्या से समंवय स्थापित कर उनके किए गए प्रयासों को साझा करने को कहा। मत्स्य विभाग को मछली बीज के लिए जिला योजना में बजट का प्राविधान करने के निर्देश दिए। रेखीय विभागों को नोडल अधिकारी के साथ बैठक कर कार्ययोजना को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। आजीविका परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र पांडे ने अपने विभाग द्वारा गरुड़ ब्लॉक के गांवों में समूहों के जरिए हो रहे कामों को बताया। वहां सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।