कपकोट (बागेश्वर)। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से पर्यावरण मित्रों और कक्ष सेवकों के पद रिक्त होने से चिकित्सा सेवाएं और सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे हैं। दुर्गम इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहारखेत, पोथिंग, शामा, फरसाली, जलमानी, उधमस्थल और लाहुर में स्थिति यह है कि यहां एक भी पर्यावरण मित्र तैनात नहीं है, जिससे अस्पतालों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
मानकों के मुताबिक क्षेत्र के क्षेत्र के चिकित्सालयों में पर्यावरण मित्र के छह पद स्वीकृत हैं। करीब आठ महीने पहले तक यहां चार पर्यावरण मित्र कार्यरत थे, जिससे काम चल रहा था। एक कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान असामयिक मृत्यु हो गई, एक अन्य कर्मचारी कुछ महीने पहले सेवानिवृत्त हो गया। वर्तमान में कागजों में केवल दो पर्यावरण मित्र तैनात हैं, लेकिन धरातल पर व्यवस्था शून्य है। इन दो कर्मचारियों में से एक महिला कर्मचारी उपनल के माध्यम से तैनात है, जिसके भरोसे पूरी व्यवस्था टिकी है। दूसरा पक्का कर्मचारी लंबे समय से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहा है। लल
एक मात्र कर्मचारी होने के कारण पूरे अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कपकोट सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश घटियाल ने बताया कि लंबे समय से गायब चल रहे कर्मचारी को उसकी घोर अनियमितताओं और ड्यूटी से नदारद रहने के कारण कई बार आधिकारिक कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मामले की पूरी लिखित रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार संबंधित कर्मचारी का वेतन रोका गया था, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से ऐसे लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है ताकि व्यवस्थाएं सुचारू हो सकें।
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कपकोट क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में पर्यावरण मित्रों के रिक्त पदों और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। जो कर्मचारी लंबे समय से बिना बताए ड्यूटी से नदारद है, उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों में सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक तौर पर उपनल या स्थानीय स्तर से व्यवस्था करने के निर्देश एमओआईसी को दिए जा रहे हैं। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर