सरकार की चेतावनी से बेफिक्र सरकारी कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार कर कार्यालयों के बाहर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। हड़ताली कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में चंदन बनकोटी, विनोद तिवारी, सुनील कुंवर, कुंदन राम, दीपक कुमार, श्याम गिरि, पुष्कर मलड़ा, पूरन भौर्याल, नारायण सिंह, शेर सिह थापा, मंगल बजेठा शामिल थे। इधर कोषागार कर्मचारियों ने एक घंटे का कार्य बहिष्कार किया। कार्य बहिष्कार में हेमा जोशी, अजय कुमार, धाम सिंह बघरी, सुंदर सिंह बोनाल, सचिन, हेमंत, राजेश आर्य आदि थे। 11 बजे बाद कोषागारों में विधिवत कार्य चलता रहा।
उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी शिक्षक समन्वयक समिति ने विकास भवन में प्रदर्शन किया। इस मौके पर आंदोलन में संगठन के मुख्य संयोजक केसी मिश्रा, जिलाध्यक्ष अनिल जोशी, एससी पंत, ईश्वरी दत्त पांडे, आरपी टम्टा, जयदत्त पांडे, चरण सिंह बघरी, सुरेश तिवारी, हेमा परिहार, संतोष खेतवाल आदि शामिल थे। आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन ने कलक्ट्रेट में मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
सरकार से आशा वर्कर्स को 18 हजार, फैसीलिटेटर को 24 हजार वेतन देने, पांच लाख बीमा, पदोन्नति, ड्रेस सहित अन्य भत्ते देने की मांग की। आशा संगठन ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम को ज्ञापन भेजे। प्रदर्शन में गणेश सिंह बोरा, रश्मि तिवारी, लक्ष्मी पांडे, नीमा असवाल, धीरज जोशी, चंद्रकला जोशी, विशन दत्त भट्ट, खष्टी, रेखा देवी, बहादुर सिंह रावत आदि थे।