बीआरसी नौघर में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) की गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को और सुदृढ़ बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्राइमरी स्कूलों से पढ़े लोग वर्तमान में भी देश के हर क्षेत्र में उच्चासीन पदों पर सेवा दे रहे है। उन्होंने अभिभावकों, बच्चों से आरटीई का भरपूर लाभ उठाने को कहा।
जिला जज डॉ. शर्मा ने कहा कि कहा कि गांव में पले बच्चे काफी प्रतिभावान होते हैं। ऐसे बच्चे कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों से आरटीई के तहत गरीब परिवार के बच्चों को जरूर प्रवेश दिलाने को कहा।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक आकाश सारस्वत ने शिक्षकों से आरटीई का कड़ाई से पालन करने को कहा। वहां जन शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ. जितेंद्र तिवारी, प्रधानाचार्य राइंका गरुड़ घनानंद कांडपाल, हरी दत्त जोशी, अलोक पांडे, बीआरसी समन्वयक उमेश जोशी, डीएल वर्मा बीईओ चंपा आर्या, सेंट एडम्स स्कूल के प्रबंधक जावेद सिद्दीकी, पीतांबर उपाध्याय, कैलाश जोशी, मोहन जोशी, प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पंत आदि ने विचार रखे।