बागेश्वर। काफलीगैर में डिग्री काॅलेज खोलने की मांग एक दशक बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक नहीं दो बार काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अब तक डिग्री कॉलेज अस्तित्व में नहीं आ सका है।
काफलीगैर तहसील क्षेत्र के लोगों की लंबी मांग के बाद सीएम धामी ने 15 अक्तूबर 2021 को डिग्री काॅलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन डिग्री कॉलेज नहीं खुला। बाद में बीते वर्ष चार अक्तूबर को एक बार फिर सीएम धामी ने बागेश्वर रोडवेज डिपो के उद्घाटन के मौके पर काफलीगैर में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की। उसके बाद भी अब तक डिग्री कॉलेज का शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
विधानसभा उप चुनाव से पहले भाजपा के नेताओं ने क्षेत्र के लोगों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दिवंगत मंत्री चंदन राम दास के नाम पर काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग की थी। विधायक प्रतिनिधि गौरव दास का कहना है कि काफलीगैर में डिग्री कॉलेज खोलने का मामला सीएम घोषणा में शामिल है। जल्द डिग्री कॉलेज खुलेगा।
पांच इंटर कॉलेजों से हर साल उत्तीर्ण होते हैं एक हजार बच्चे
बागेश्वर। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार काफलीगैर तहसील की आबादी करीब 55 हजार है। इस क्षेत्र में पांच राजकीय इंटर कालेज काफलीगैर, भटखोला, देवलधार, बोहाला और सैंज में संचालित हैं। इन विद्यालयों से हर साल करीब एक हजार से भी अधिक बच्चे इंटर की पढ़ाई पूरी करते हैं। क्षेत्र में उच्च शिक्षा का कोई कोई इंतजाम नहीं हैं। विद्यार्थियों को इंटर से आगे की पढ़ाई के लिए 15 से 55 किमी दूर जिला मुख्यालय या फिर अल्मोड़ा जाना पड़ता है। संवाद
ग्रामीणों ने की जमीन दान देने की घोषणा
बागेश्वर। भटखोला गांव के सामाजिक कार्यकर्ता धर्मानंद भट्ट, हरीश चंद्र भट्ट, जय किशन भट्ट, धर्मानंद भट्ट और हरीश चंद्र भट्ट ने ग्राम पंचायत भटखोला के पाताल छोई तोक में अपनी 100 नाली नाप भूमि निशुल्क डिग्री कॉलेज के लिए देने की घोषणा की है। उन्होंने उच्च शिक्षा निदेशक को बाकायदा प्रस्ताव भेजा है। संवाद