बागेश्वर। 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को शुरू होने में एक माह से भी कम समय शेष है। विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसी होड़ में छात्र-छात्राएं तनाव जैसी समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं। बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी समस्या होने पर शिक्षक छात्र-छात्राओं की मदद करेंगे।
जिले में मनोवैज्ञानिक की तैनाती न हो पाना एक बड़ी खामी है। मानसिक रूप से बीमार और समस्या होने पर लोगों के इलाज के लिए हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
कई बार अभिभावक बच्चों पर बेहतर प्रदर्शन, अच्छे अंक लाने का दबाव बनाते हैं जिससे बच्चे तनाव लेते हैं। कई बार छात्र-छात्राएं स्वयं ही तनाव लेकर अपने परीक्षा की तैयारियों को प्रभावित करते हैं। ऐसी स्थिति में स्कूली शिक्षक विद्यार्थियों की ढाल बनेंगे।
प्री-बोर्ड और मॉक पेपर हल करने के दौरान प्रदर्शन में पाई गई खामियों पर शिक्षक विद्यार्थी से संवाद कर समस्याएं जानेंगे।
शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी कर दिया है। छात्र-छात्राएं और अभिभावक सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक 18001804132 में कॉल कर विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं।
इधर, सीईओ गजेंद्र सिंह सौन ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान अधिकतर मेधावी छात्र-छात्राएं अधिक अंक प्राप्त करने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तनाव में रहते हैं। जिले में मनोवैज्ञानिक की सुविधा न होने के कारण शिक्षक ही छात्र-छात्राओं की मदद करेंगे। हालांकि समस्या अधिक होने पर एससीईआरटी से जारी टोल फ्री नंबर की मदद से मनोवैज्ञानिक की मदद ले सकते हैं।