बागेश्वर। जिले का शिक्षा विभाग अधिकारियों की कमी से सामना कर रहा है। डीईओ बेसिक और माध्यमिक के पद लंबे समय से रिक्त हैं। तीनों विकासखंडों में उप शिक्षाधिकारियों के पद भी रिक्त पड़े हैं। सीईओ तीन-तीन पदों की जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे हैं। अधिकारियों की कमी से विभागीय कामकाज पर असर पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग में ब्लॉक स्तर पर उप शिक्षाधिकारी और बीईओ की भूमिका अहम होती है। उप शिक्षाधिकारी पर जहां प्रारंभिक शिक्षा में वेतन और शिक्षकों की समस्याएं, एकल शिक्षक व्यवस्था आदि की जिम्मेदारी होती है। बीईओ के जिम्मे माध्यमिक शिक्षा की व्यवस्थाएं होती हैं। उप शिक्षाधिकारियों के पद रिक्त रहने से दोनों पदों की जिम्मेदारियां तीनों ब्लॉकों के बीईओ को उठानी पड़ रही है। डीईओ बेसिक और माध्यमिक के पद रिक्त हुए एक साल से अधिक का समय बीत गया है। दोनों पदों के रिक्त होने से बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के निरीक्षण, अनिवार्य और पारस्परिक स्थानांतरण, आख्या संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी भी सीईओ को देखनी पड़ रही हैं। सरकारी बैठकों, विभाग की समुचित व्यवस्थाएं, समय-समय पर होने वाली परीक्षाओं समेत अन्य कार्य भी सीईओ के जिम्मे हैं।
इधर, सीईओ गजेंद्र सिंह सौन ने बताया कि अगले महीने डीपीसी होनी है। इसके बाद डीईओ बेसिक और माध्यमिक के पद भरे जाने की उम्मीद है। उप शिक्षाधिकारियों के रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्ति होने की आस है। संवाद