बागेश्वर। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के देर से पहुंचने की लगातार मिल रही शिकायतों को सीईओ ने बेहद गंभीरता से लिया है। लेट-लतीफी के ढर्रे पर नकेल कसने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए जिले के सभी बीईओ को विद्यालयों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं।
बीते दिनों अमर उजाला में प्रकाशित समाचार और डीएम कार्यालय में जनता दरबार के दौरान कांडा के ग्रामीण की शिकायत के बाद सीईओ ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बनाए रखने के लिए शिक्षकों का निर्धारित समय पर पहुंचना अनिवार्य है। अक्सर दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों के देरी से आने के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकाें के स्कूल में समय पर नहीं पहुंचने से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम भी प्रभावित हो रहा है।
सीईओ, विनय कुमार ने बताया कि शिक्षकों की लेट-लतीफी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचेंगे या अनधिकृत रूप से गायब पाए जाएंगे उनके खिलाफ विभागीय नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और वेतन कटौती की जाएगी।