नगर में 13 जनवरी से शुरू हो रहे कुमाऊं के सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले की तैयारियां पूरी हो गई हैं। भगवान बागनाथ की नगरी दुल्हन की तरह सज गई है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों से लोक कलाकार और व्यापारी पहुंच चुुके हैं। नगर पालिका परिषद ने नगर और पवित्र संगम पर स्वच्छता अभियान पूरा कर लिया है। पौराणिक बागनाथ समेत अन्य मंदिरों को बिजली की लड़ियों से सजाया गया है। नुमाईशखेत में झूले और चर्खे लग गए हैं। सांस्कृतिक मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
प्रशासन और नगर पालिका परिषद ने उत्तरायणी मेले के प्रस्तावित कार्यों को पूरा कर लिया है। मेला समिति ने मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के पूरे प्रयास किए हैं। मंदिरों और स्नान घाटों को साफ सुथरा बना दिया हैै। इस बार संगम पर दुकानें लगाने की इजाजत नहीं दी गई है। बागनाथ, मंदिर समूह, राधा कृष्ण, चंडिका और नीलेश्वर महादेव के मंदिर में खास सजावट की गई है। श्री पंच दशनाम अखाड़ा को भी सजाया गया है। वहां दूर दूर से संतों का पहुंचना शुरू हो चुका है।
नुमाईशखेत मैदान में झूले चर्खे लग गए है। विकास प्रदर्शनी के लिए सरकारी महकमों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। गोमती के समीप, जिला पंचायत परिसर और भोटिया पड़ाव में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजानी शुरू कर दी हैं। सरयू और गोमती के ऊपर अस्थाई पुलों का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है।