बागेश्वर में धू-धूकर जलता रावण का पुतला। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी के पावन पर्व पर रावण के पुतले का दहन किया गया।
रविवार को रामलीला समिति की ओर से आयोजित सांकेतिक रामलीला में कोरस (प्रार्थना) गायन और राम आरती के बाद राम जन्म का मंचन किया गया। शाम करीब 6.30 बजे नुमाइशखेत मैदान में रावण के पुतले को जलाया गया। भगवान श्रीराम ने रावण के करीब सात फुट लंबे पुतले को तीर चलाकर भष्म कर दिया। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते कुंभकर्ण, मेघनाद और अहिरावण के पुतलों को नहीं जलाया गया।
भीड़ जुटाने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण पुतला दहन कार्यक्रम पिछले साल की तरह भव्य नहीं हुआ। समिति ने भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक कर रामलीला का समापन किया। सांकेतिक रामलीला को संपन्न कराने में समिति के अध्यक्ष मनोज पांडे, मुख्य संयोजक नवीन लाल साह, कंचन साह, कौशल उपाध्याय, नीरज, विजय वर्मा, दीपक आदि ने सहयोग किया।