कपकोट (बागेश्वर)। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि जिस अस्पताल को कुछ दिन पहले उप जिला अस्पताल बनाने की घोषणा की गई थी, वह बाल रोग चिकित्सक का तबादला होने से विशेषज्ञ चिकित्सक विहीन हो गया है। 80 हजार की आबादी के बीच बसे सीएचसी में चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को इलाज के जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
कपकोट क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण इलाज के लिए पूरी तरह इसी सीएचसी पर निर्भर हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, सर्जन, निश्चेतक और बालरोग विशेषज्ञ के स्वीकृत पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में गंभीर रोगियों को मजबूरन जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। स्थिति यह है कि निश्चेतक न होने के कारण इस अस्पताल में पिछले नौ सालों से एक भी बड़ा ऑपरेशन नहीं हो पाया है। अब तक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिलाष धारीवाल बच्चों के साथ-साथ सामान्य मरीजों का भी इलाज कर रहे थे। अब बच्चों को भी सामान्य और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगाने पड़ेगी।
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बाल रोग विशेषज्ञ का अन्यत्र स्थानांतरण होने के कारण सीएचसी में यह पद रिक्त हो गया है। क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं और डॉक्टरों की कमी के पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, और उच्च स्तर पर मामले का संज्ञान लिया जा रहा है।
.......डॉ. अनुभा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी कपकोट