शासन और शिक्षा विभाग की घोर उपेक्षा के चलते ग्राम पंचायत छानी के तीन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की हालत खस्ता हो गई है। हल्की बरसात में पानी कमरों के भीतर आ जाता है। चहारदीवारी नहीं बनने से बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।
विद्यालयों की हालत खस्ता होने से यहां अभिभावक नौनिहालों का दाखिला कराने में डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश शासन ने पाठशालाओं की दशा शीघ्र सुधारने की मांग की है। मालूम हो कि छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत ने राजकीय प्राइमरी स्कूल छानी से कक्षा दो तक की पढ़ाई की थी।
मालूम हो कि ग्राम पंचायत छानी में तीन राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें प्राथमिक स्कूल ल्वेशाल में 14 बच्चे , छानी बोरारौ में 35 जबकि छानी कौसानी में 15 बच्चे पंजीकृत हैं। वर्षों पूर्व बने इन पाठशाला भवनों की हालत अब खस्ता हो चुकी है। हल्की बरसात में छत टपकनी शुरू हो जाती हैं।
फर्श भी कई जगह उखड़ गया है। दीवारों में भी दरारें पड़ गई हैं। इसी तरह पानी की टंकी की हालत बेहद खराब हो गई है। शौचालयों की दशा भी कमोवेश यही है। पाठशालाओं की चहारदीवारी जगह-जगह ध्वस्त हो चुकी है। पाठशालाओं को जाने वाली पगडंडियों की हालत काफी बुरी है।
मरम्मत और नव निर्माण नहीं होने से बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्याओं का समाधान नहीं होने से अभिभावक सरकारी पाठशाला में नौनिहालों का दाखिला कराने के बजाए प्राइवेट स्कूलों में दाखिला कराने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शासन और शिक्षा विभाग से पाठशालाओं की दशा शीघ्र सुधारने की मांग की है।
मांग करने वालों में मांग करने वालों में ग्राम प्रधान हरीश राम, पूर्व प्रधान जानकी दोसाद, बीडीसी सदस्य आनंदी देवी, आनंद राम, और नारायण सिंह आदि शामिल हैं। सोमेश्वर ताकुला के खंड शिक्षा अधिकारी पुष्कर टम्टा ने बताया कि भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। बजट मंजूर होने पर भवनों की कायाकल्प होगी।