गरुड़ (बागेश्वर)। सीएचसी बैजनाथ में सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा ताक पर है। रात के समय नशेड़ी अस्पताल में हंगामा कर रहे हैं। तीन दिन में दूसरी बार नशेड़ियों ने अस्पताल की महिला नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता की है। ऐसी घटनाओं के बढ़ने से कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में पुलिस को तहरीर सौंपी गई है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को अस्पताल में शांति देवी निवासी बंड, पन्याली दमा का इलाज कराने के लिए भर्ती थी। रात को दस बजे पांच-छह लोग वाहन संख्या यूके 02 टीए 3143 में सवार होकर अस्पताल आए। उन्होंने खुद को मरीज शांति का तीमारदार बताया था। देर रात उन युवकों ने नशे की हालत में अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ पर भी छींटाकशी करते हुए छेड़खानी करने लगे। कर्मचारियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी।
पुलिस के आने की सुगबुगाहट होते ही नशेड़ी युवक भाग खड़े हुए। हालांकि उनकी हरकतों से अस्पताल में काम करने वाली महिला कर्मचारी काफी डरी हुई हैं। एमओआईसी समेत नर्सिंग अधिकारी मनीषा आर्या, एमओ डॉ. प्रीति जोशी, कक्ष सेविका कमला तिरुवा, फार्मासिस्ट अनिल महरा और कक्ष सेवक नीरज थापा ने बैजनाथ थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
12 मई की रात भी काटा था हंगामा
विगत 12 मई की रात भी कुछ नशेड़ियों ने अस्पताल में हंगामा किया था। इस दौरान भी महिला कर्मचारियों से अभद्रता करने की कोशिश की गई थी। अस्पताल की सूचना पर पुलिस मौके पर आई थी लेकिन तब भी हंगामा करने वालों का पता नहीं चल पाया था।
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अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ में महिलाएं अधिक हैं लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। नशेड़ियों के डर से महिला कर्मचारी काफी डरी हैं और रात में ड्यूटी करना नहीं चाहती हैं। अगर कर्मचारियों को सुरक्षा नहीं मिली तो इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उच्चाधिकारियों और पुलिस को पत्र लेकर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। - डॉ. सपना राजपूत, एमओआईसी, सीचसी बैजनाथ
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सीएचसी में रात के समय हंगामा करने के मामले का प्रार्थना पत्र मिला था। अस्पताल के कर्मचारियों की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ गालीगलौज, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। - अजय साह, सीओ, बागेश्वर