वनाग्नि नियंत्रण के लिए बनाए गए 30 क्रू स्टेशन, 277 कार्मिकों की तैनाती: डीएफओ
बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल ने पुलिस को जंगल जलाने वाले शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक में विभागों से जंगलों को आग से बचाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने की हिदायत दी।
जिला कार्यालय सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम पाल ने लोगों से अपने खेत, खलिहानों में आग लगने पर उसे तत्काल बुझाने, जलती बीड़ी, सिगरेट खुले में न फेंकने की अपील की। वन विभाग से गांव और स्कूलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम करने को कहा। उन्होंने आग नियंत्रण के उपकरणों को चिह्नित करने, वनाग्नि संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए पुख्ता संचार व्यवस्था बनाने और क्रू स्टेशन, कंट्रोल रूम को समय से सक्रिय करने के भी निर्देश दिए।
डीएफओ उमेश तिवारी ने बताया कि जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2310 स्क्वायर किमी, जबकि वनों का क्षेत्रफल 1064 स्क्वायर किमी यानी 46 फीसदी है। रिजर्व वन 62 प्रतिशत, सिविल वन दो प्रतिशत और पंचायत वन 36 प्रतिशत हैं। आगामी 15 फरवरी से शुरू हो रहे फायर सीजन को देखते हुए वनाग्नि नियंत्रण के लिए 30 क्रू स्टेशन बनाए गए है। 277 कार्मिकों की तैनाती की गई है। बैठक में एडीएम एनएस नबियाल, एसडीएम जीतेंद्र वर्मा, सीओ अंकित कंडारी, वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलडा, आरओ श्याम सिंह करायत, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल आदि मौजूद रहे।