बागेश्वर। नगर के निजी अस्पतालों में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। नगर में संचालित निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया। आंखों के एक अस्पताल में उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराए बगैर चिकित्सक ओपीडी संचालित करते मिले। विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए ओपीडी के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
अमर उजाला ने 31 मार्च के अंक में निजी अस्पतालों की गतिविधियों पर विभाग की नजर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में लोगों से मिल रही शिकायतों का हवाला दिया गया था। जांच करने के बाद विभाग ने शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर डॉ. अमित मिश्रा के नेतृत्व में विभाग की टीम ने आंखों के दो अस्पताल और एक पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। मंडलसेरा में दृष्टि नाम से संचालित आंखों के अस्पताल के निरीक्षण पर चिकित्सक के पास उत्तराखंड मेडकिल काउंसिल का पंजीकरण नहीं पाया गया। टीम ने संबंधित डॉक्टर को अयोग्य माना और ओपीडी पर रोक लगाई। जिला अस्पताल के समीप संचालित लैब में कई अनियमितताएं मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। दूसरे अस्पताल के रजिस्टर भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं।
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बागेश्वर में संचालित सेंटर में तैनात चिकित्सक का उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। समय-समय पर अल्मोड़ा और हल्द्वानी से केंद्र में चिकित्सक भेजे जाते हैं। वहां तैनात चिकित्सक केवल प्राथमिक उपचार ही करते हैं।
......मनोज दुर्गापाल, सेंटर इंचार्ज, दृष्टि आई हॉस्पटिल, मंडलसेरा
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ओपीडी संचालित कर रहे चिकित्सक का उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण होना जरूरी है। मंडलसेरा स्थित संस्थान में तैनात चिकित्सक का पंजीकरण नहीं होने पर कार्रवाई की गई है। नियमों की अनदेखी कर क्लीनिक या अस्पताल का संचालन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निजी अस्पतालों की सघन जांच जारी रहेगी।
.....डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर