बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज असों की मास हिस्टीरिया से पीड़ित हुई तीनों छात्राओं को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। चिकित्सकों की टीम ने पीड़ित छात्राओं के घर-घर जाकर उनकी काउंसिलिंग की और परिजनों को भी समझाया।
बुधवार को राइंका असों में कुछ छात्राएं अचानक चीखने-चिल्लाने लगी थीं। बालिकाओं को बदहवास होता देखकर शिक्षकों ने परिजनों को सूचना दी। इस दौरान कई छात्राएं रोते हुए घर पहुुंचीं। बृहस्पतिवार को भी पांच छात्राएं बीमार हो गईं। उस समय चिकित्सक डॉ. प्रमोद टम्टा मौके पर थे। उन्होंने एंबुलेंस की मदद से तीन छात्राओं को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से इलाज और काउंसिलिंग के बाद तीनों छात्राओं को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
शुक्रवार को डॉ. टम्टा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम और मनोरोग काउंसलर संदीप कुमार ने असों गांव जाकर पीड़ित छात्राओं की काउंसिलिंग की। उन्होंने छात्राओं की इलाज कराने की बजाय घरेलू इलाज करा रहे परिजनों को भी समझाया और बताया कि मास हिस्टीरिया से परेशान छात्राओं की काउंसिलिंग करानी जरूरी है। इस मौके पर सीएचओ ओम शर्मा, आशा फेसिलेटर चंद्रकला जोशी, आशा कार्यकर्ता सीता, ममता, गंगा, पुष्पा, वार्ड बॉय देवेंद्र कुमार, हरीश आदि मौजूद रहे। संवाद