बागेश्वर में जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद
बागेश्वर। अस्पताल की लापरवाही से बच्चे की मौत के मामले में कार्रवाई डॉक्टर पर हुई और सजा बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के सीएमओ कार्यालय में अटैच होने के बाद ओपीडी में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। सोमवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे 40 से अधिक बच्चों और उनके परिजनों को बैरंग लौटना पड़ा।
बीते दिनों चमोली के ग्वालदम अस्पताल से रेफर सैनिक के पांच महीने के बेटे की मौत के मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित कुमार को रविवार से सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया। इसके चलते सोमवार को उपचार के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चों को लेकर पहुंचे परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
काफी देर तक लाइन में इंतजार करने के बाद जब चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं पहुंचे तो अभिभावक अपने बच्चों को लेकर सीएमएस डॉ. तपन शर्मा के कार्यालय में पहुंचे।
सीएमएस डॉ. शर्मा ने उन्हें बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ सीएमओ कार्यालय से अटैच हैं। बताया कि अग्रिम आदेशों तक वह ओपीडी में नहीं आएंगे। इसके बाद बीमार बच्चों को लेकर परिजन जिला अस्पताल से मायूस लौट गए।
कोट
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ को सीएमओ कार्यालय में अटैच किया गया है। इसके चलते बाल रोग विभाग की ओपीडी का संचालन नहीं हो पा रहा है। कई परिजन बच्चों को लेकर मेरे कार्यालय में पहुंचे। इस संबंध में सीएमओ को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। - डॉ. तपन कुमार शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल