बैजनाथ और गढ़खेत वन क्षेत्र के जंगलों में लगी आग फिर बेकाबू हो गई है। जंगलों में भीषण आग लगने से समूचे तहसील क्षेत्र में चारों तरफ धुंध ही धुंध नजर आ रही है। धुंध के चलते कौसानी से पर्यटकों को हिमालय के दर्शन नहीं हो पा रहे है।
बैजनाथ और गढ़खेत वन क्षेत्र के जंगलों मे लगी आग लगातार बढ़ रही है। आग को बुझाने के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं है। हालांकि वन रक्षक एक दो फायर वाचरों को लेकर जंगलों की आग बुझा रहे हैं। दोपहर बाद तेज हवा चलने से वन कर्मी जंगलों की आग नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। बैजनाथ वन क्षेत्र के अणां, बानण, देवनाई, कोहिना, मोहरपाली गढ़खेत वन क्षेत्र के लमचूला, गनिगांव बगोटिया, उड़खुली, हुनेरा, वज्यूला, कुलाऊं के जंगलों में लगी आग बेकाबू हो गई है।
रेंजर हरीश खर्कवाल ने बताया कि भीषण गर्मी पड़ने से जंगलों में इस बीच पिरुल काफी मात्रा में गिर गया है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगलों को आग से बचाने में विभाग को सहयोग देने को कहा है। जंगलों में आग लगने से कौसानी से पर्यटकों को कौसानी से हिमालय पर्वत के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। होटल एसोसिएशन कौसानी के अध्यक्ष बबलू नेगी ने बताया कि जंगलों में आग लगने से पर्यटक सीजन पर बुरा असर पड़ रहा है।