मल्ला दानपुर क्षेत्र में हो रहे खड़िया खनन के खिलाफ दानपुर सेवा समिति लामबंद हो गई है। समिति ने प्रशासन से क्षेत्र में खड़िया खनन बंद कर इसे फल पट्टी के रूप में विकसित करने की मांग की है। समिति का कहना है कि खड़िया खनन के कारण दानपुर क्षेत्र को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।
सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे दानपुर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मल्ला दानपुर क्षेत्र हिमालय की तलहटी पर स्थित है। भू वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र को जोन फाइव में रखा है। 1957 से अब तक हुई भूस्खलन की आधा दर्जन बड़ी घटनाओं में 94 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में यह पूरा क्षेत्र भूस्खलन की चपेट में आने के कारण अतिसंवेदनशील हो चुका है।
भूस्खलन के कारण कुंवारी गांव अब रहने लायक नहीं रह गया है। इसके बावजूद यहां पर खड़िया खनन हो रहा है। इस समय बदियाकोट, तीख, उंगिया, कर्मी आदि क्षेत्रों में भी खड़िया खनन की तैयारियां चल रही हैं। यदि क्षेत्र में खनन बढ़ा तो भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ेंगी और ग्लेशियरों को भी खतरा होगा।
वहीं दूसरे ज्ञापन में समिति ने राजकीय प्राइमरी स्कूल तरसाल को पहले की तरह ही संचालित कराने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह दानू, सचिव हीरा सिंह टाकुली, भूपाल सिंह, ग्राम प्रधान भागीरथी देवी, पूर्व प्रधान मोहन सिंह, तारा, नारायणी, हेमा आदि थे।