बागेश्वर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सातवें दिन भी बेमियादी धरना दिया। बागेश्वर, कपकोट और कांडा तहसील में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिनभर नारेबाजी की। काम के बदले वाजिब दाम के लिए 18 हजार रुपये मानदेय देने, विभागीय पदोन्नति के लिए आयु सीमा हटाने की मांग की। अनदेखी पर आंदोलन तेज करने की भी चेतावनी दी।
बागेश्वर में जिला उपाध्यक्ष लीला आर्या, कोषाध्यक्ष देवकी रावल, ब्लॉक अध्यक्ष गीता पांडे, मरियम डेविड, सुषमा पांडे, नीमा खेतवाल, सोनू आर्या, मुन्नी आर्या आदि थे। कपकोट में संगठन अध्यक्ष हंसी ऐठानी, मंजू देवी, शांति देवी, कौशल्या कोरंगा, हीरा गढ़िया, विमला मेहरा, सरला कोरंगा, हेमा आर्या, देवकी कपकोटी, जानकी ऐठानी आदि ने धरना दिया। वहीं कांडा में नीमा आर्या, मंजू, हेमा कर्म्याल आदि ने प्रदर्शन किया। उधर गरुड़ में प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, जिलाध्यक्ष भगवती जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष नीमा गोस्वामी, सचिव किरन मिश्रा, दया जोशी, शारदा देवी, शीला लोहनी, ममता रावत, कमला पंत आदि ने प्रदर्शन किया।
मौलेखाल में आठवें दिन भी धरना जारी
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने तहसील मुख्यालय सल्ट परिसर में आठवें दिन भी धरना दिया गया। उन्होंने देहरादून में चल रहे आंदोलन को भी समर्थन जताया। धरने पर ब्लॉक अध्यक्ष रिहाना, सुमित्रा देवी, पुष्पा रावत, गुड्डी भट्ट, संगीता शर्मा, सुनीता रावत, दीपा मेहरा, भगवती लखचौरा, पुष्पा देवी, पुष्पा रावत, शीला देवी, कुसमा देवी, मुन्नी रावत, देवकी देवी, आनंदी बिष्ट आदि बैठीं। संवाद
आशा हेल्थ वर्कर्स कल हड़ताल पर रहेंगी
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आठ जनवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। आशाएं जिला और ब्लॉक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन करेंगी।
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष धना कत्यूरा ने आरोप लगाया कि आशा वर्कर्स की उपेक्षा की जा रही है। उन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। जो प्रोत्साहन राशि आशाओं ने लंबे संघर्ष के बाद हासिल की थी, सरकार ने उसे भी बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि आशाओं को लगातार फील्ड वर्क करने के बावजूद फील्ड कर्मचारियों की भांति कोई सुविधा और भत्ता भी नहीं मिलता है। संवाद