अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करें। कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह बात जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में दैवीय आपदा के कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक में की। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले विभागों से सख्ती से निपटा जायेगा।
जिलाधिकारी ने दैवीय आपदा के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन विभागों को क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए धनराशि आवंटित हुई है वे मार्च माह तक कार्यों को पूरा करें। जिन क्षतिग्रस्त योजनाओं एवं कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किये गये हैं वे विभाग यथाशीघ्र मानक के अनुसार आगणन तैयार कर दैवीय आपदा मद से धन आवंटन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
उन्होंने शिक्षा विभाग को दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त ऐसे विद्यालय जिनका अन्य मद से धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है उन विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को जलसंस्थान की कलाग गाजली पेयजल योजना की जांच के लिए कमेटी गठित कर योजना की जांच के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने उनके भ्रमण के दौरान जिला पंचायत द्वारा सिमतोला गधेरे में निर्मित पुलिया के घटिया निर्माण पर नाराजगी जताई। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को अवर अभियंता तथा सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण लेने, संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी आरके पंत ने बताया कि दैवीय आपदा से उनकी 31 योजनाएं क्षतिग्रस्त हैं जिनका प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है लेकिन धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। उन्होंने सीडीओ को दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त योजनाओं के भौतिक सत्यापन के लिए ब्लाक वार तीन तीन अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम एसएस जंगपांगी, सीएमओ डा. संजय साह आदि मौजूद थे।