बागेश्वर। जिलाधिकारी विनीत कुमार ने गरुड़ ब्लॉक में मनरेगा के कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही लक्ष्य के अनुरूप कार्य न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने मनरेगा के तहत खर्च की गई धनराशि की जानकारी लेकर कहा कि योजना के तहत होने वाले कार्यों में धन की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने 100 के स्थान पर 150 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर कार्ययोजना का निर्माण करने के लिए कहा। अधिकारियों को पूर्व में स्वीकृत कार्य के पूर्ण होने पर ही नए प्रस्ताव स्वीकार करने के निर्देश दिए।
कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम, सिंचाई, स्वजल, चाय विकास बोर्ड और भेषज विभागों से आगामी वर्ष के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार कर अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए कहा। बैठक में सीडीओ डीडी पंत, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्य, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर आदि थे।
जिले में 1241 परिवारों को मिला 100 दिन रोजगार
बागेश्वर। डीडीओ केएन तिवारी ने बताया कि जिले में मनरेगा योजना के तहत 1241 परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। योजना के तहत तीनों विकास खंडों में कुल श्रमिक बजट 3825.49 के सापेक्ष 3253.48 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिले की 407 ग्राम पंचायतों में 49,964 परिवारों के 91,854 लोग योजना में पंजीकृत हैं। वर्तमान में 35,655 सक्रिय जॉब कार्ड और 55,651 सक्रिय श्रमिक हैं। योजना में 5147 प्रवासियों का पंजीकरण कर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।