बागेश्वर। अल्मोड़ा मैग्नेसाइट कंपनी झिरौली में प्रबंधन और श्रमिकों के बीच चल रहे विवाद की जांच की जाएगी। कंपनी पहुंचे जिपं अध्यक्ष बसंती देव, विधायक सुरेश गढ़िया और डीएम अनुराधा पाल ने दोनों पक्षों को सुना और 15 दिन के भीतर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
मैग्नेसाइट कंपनी के श्रमिकों ने मार्च से मई 2023 तक देनदारी, पीएफ की देनदारी, ग्रेच्युटी फंड देनदारी, समूह बीमा के जमा पैसे की स्थिति, बैंक का बकाया, पूर्व कर्मचारियों की देनदारी की जानकारी मांगी है। प्रबंधन पर कर्मचारियों का शोषण करने, विभिन्न देयकों के भुगतान में मनमानी करने का आरोप लगाया है। खनन का मुआवजा देने, सभी परिवारों का पुनर्वास कराने, आवासीय भवनों के पास भीषण विस्फोट न करने, गांव के रास्तों, धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण करने, गांव में पानी की व्यवस्था करने सहित क्षेत्र की अन्य समस्याएं भी उठाईं।
विधायक ने प्रबंध निदेशक से प्रत्येक कर्मचारी की समस्या के संबंध में संवाद करने और प्रबंधन पर लगे आरोपों को संवाद के माध्यम से खत्म करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रमिकों से अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण मनोयोग के साथ निभाने के लिए कहा।
डीएम ने कहा मैनेजमेंट पर लगे आरोपों की 15 दिन में जांच की जाएगी। इसमें जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रबंध निदेशक को किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होने देने, उनके वेतन, भत्तों सहित अन्य देयकों का समय से भुगतान करने का ध्यान रखने के निर्देश दिए। कंपनी से नए रिसोर्स विकसित करने, टाइलों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की बात कही। वहां भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण, पूर्व जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, जिपं सदस्य नवीन नमन, गौरव दास, रवि करायत, मंडल अध्यक्ष हेमा रौतेला, एसोसिएशन अध्यक्ष राम सिंह जनौटी, प्रबंध निदेशक योगेश कुमार शर्मा, यश स्टीफन, कीर्ति कुमार जोशी आदि मौजूद रहे।