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दिव्यांग शिविर आयोजित कर दिया नहीं आए डॉक्टर, हउआ जबरदस्त हंगामा

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बागेश्वर। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को जिला अस्पताल में दिव्यांग शिविर आयोजित कर दिया लेकिन डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं करा पाया। शिविर में केवल हड्डी रोग विशेषज्ञ आए थे। इस कारण कई दिव्यांगों के प्रमाण पत्र नहीं बन पाए। प्रमाण पत्र के लिए भटकते लोगों के समर्थन में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में कांग्रेसियों, दिव्यांगों के परिजन और दिव्यांग अस्पताल परिसर में धरने में बैठ गए। कई घटे तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति रही। लोगों में गुस्सा इतना जबरदस्त था कि प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने सोमवार को जिला अस्पताल में दिव्यांग शिविर का आयोजन किया था। स्थानीय नेत्र सर्जन के छुट्टी पर होने के कारण अल्मोड़ा से नेत्र सर्जन बुलाए गए थे लेकिन अल्मोड़ा से नेत्र सर्जन नहीं आए। इस वजह से अस्पताल में केवल हड्डी रोग से संबंधित दिव्यांगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। नेत्र, गला और कान रोग से ग्रसित दिव्यांगों को अल्मोड़ा के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में ईएनटी सर्जन का पद रिक्त है। अव्यवस्था से दिव्यांगों के परिजनों में रोष फैल गया। इसी दौरान दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल पहुंचे कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। जिला अस्पताल परिसर में धरने में बैठ गए।
फर्स्वाण और ऐठानी के धरने में बैठने की सूचना पर कई कांग्रेसी भी वहां पहुंच गए। देखते ही देखते दिव्यांगों के परिजन दिव्यागों के साथ धळ्रने में बैठ गए। दिव्यांगों के परिजनों का कहना था कि वह लोग सुबह आठ बजे से अस्पताल में भटक रहे हैं, उन्हें अल्मोड़ा जाने को कहा जा रहा है। धरने की सूचना मिलने पर दोपहर 1:36 बजे तहसीलदार नवाजिश खलीक भी मौके पहुंचे। उन्होंने लोगों से वार्ता की। लोगों ने उनके सामने अव्यवस्था का मामला उठाया। दोपहर 2:39 बजे डॉ. जोशी सीएमओ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद से दिव्यांग शिविर नहीं लगा था। इस वजह से उन्होंने शिविर का आयोजन किया। अल्मोड़ा से डॉक्टर बुलाए गए थे, जो नहीं आए। कहा कि आगे से पूरी व्यवस्था होने के बाद ही शिविर लगाया जाएगा। बताया गया कि हड्डी रोग से पीड़ित 50 दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए गए। धरने में कांग्रेस नेता राजेंद्र टंगड़िया, सुरेंद्र खेतवाल, कवि जोशी, अंकुर उपाध्याय, देवेंद्र परिहार, घनश्याम तिवारी, उमेश गढ़िया, मनोज राठौर, गोकुल परिहार आदि बैठे।
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कोट
सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गए थे। पोता सुनील कुमार (10) मूक और बधिर है। दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए अल्मोड़ा ले जाने को कहा जा रहा है। यह घोर अन्याय है।
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-पार्वती देवी, बाजीरोट
बुढ़ापे के कारण आंख नहीं दिखाई देता है। प्रमाण पत्र बनाने के लिए गाड़ी बुक कराकर पहुंचे लेकिन यहां पर्ची काटकर इतिश्री कर दी गई।
-भगवान सिंह महरा, टकनार
बेटी साक्षी (10) चल, फिर नहीं सकती है। उसका दिव्यांगता का प्रमाण पत्र बनाने के लिए आए। अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया।
- रंजना धपोला, धपोलासेरा
भतीजी राधा (18) मूक, बधिर है। उसके माता-पिता नहीं हैं। वह मेरे साथ रहती है। प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं, आज भी प्रमाणपत्र नहीं बना।
- अंजू देवी निवासी निकट कोतवाली बागेश्वर
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