फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar News: जिला अस्पताल परोस रहा बीमारियां, परिसर में गंदगी का अंबार

विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। मरीजों को स्वस्थ करने वाला जिला अस्पताल खुद बीमारियां बांट कर रहा है। अस्पताल परिसर के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। खुले में पड़े सर्जिकल वेस्ट से उठ रही दुर्गंध ने मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ा दी है। जिस अस्पताल में लोग बीमारी से राहत पाने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहां की बदहाल सफाई व्यवस्था गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ा रही है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल के वार्डों में गंभीर रूप से बीमार सैकड़ों मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में इमरजेंसी और ओपीडी से वार्ड की ओर जाने वाली रैंप के नीचे सर्जिकल वेस्ट को बैगों में एकत्र कर खुले में डाला गया है। परिसर के बाहर सर्जिकल वेस्ट के आसपास रोजाना सफाई न होने से इमरजेंसी के बाहर सड़क पर भयंकर दुर्गंध फैली रहती है, जिससे लोग नाक और मुंह बंद कर आवाजाही करने को मजबूर हैं। एक ओर स्वास्थ्य विभाग हाइजीन की बात करता है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में पसरी यह गंदगी महकमे की कलई खोल रही है। संवाद




बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था पूरी तरह फेल
इस पूरे मामले के पीछे एक गंभीर सच यह सामने आया है कि जिला अस्पताल के पास बायोमेडिकल और सर्जिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। इससे पूर्व अस्पताल का सारा कचरा नगरपालिका के कूड़े के साथ माल्ता स्थित डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा था। हाल ही में नगरपालिका के ईओ विनोद जीना ने जांच के दौरान पाया कि सर्जिकल और बायोमेडिकल वेस्ट को बिना अलग किए खुले में फेंका जा रहा है, जो पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है। इसके बाद नगरपालिका ने अस्पताल का कचरा वहां डालने पर रोक लगा दी और वेस्ट को अलग करके देने के निर्देश दिए लेकिन अस्पताल प्रशासन के पास ऐसी कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा परिसर ही कूड़ादान बन गया है। स्थिति यह है कि अस्पताल के पास खुद के स्तर पर सर्जिकल कचरे के निस्तारण का कोई जरिया नहीं बचा है।
विज्ञापन


कोट
अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल और सर्जिकल वेस्ट के उचित निस्तारण के लिए खोली में दो नए पिट बनाए जा रहे हैं। इन पिटों के बनकर तैयार होने के बाद कचरे का निस्तारण सुरक्षित तरीके से किया जाएगा।-डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें