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चंपावत जिला अस्पताल को नहीं मिला वेंटीलेटर

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बागेश्वर का कोरोना-19 समर्पित अस्पताल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : AMAR UJALA
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बागेश्वर। काेराेना महामारी के संत्कमणकाल में भी जिला अस्पताल बागेश्वर काे एक वेंटिलेटर तक नहीं मिल पाया है। लंबे समय से चिकित्सालय स्वास्थ्य उपकरणों की मार झेल रहा है। हालांकि जिले में अब तक काेराेना वायरस संक्रमण का काेई मामला सामने नहीं आया है लेकिन एहतियातन कुछ वेंटीलेटर की आवश्यकता अवश्य महसूस की जा रही है। काेराेना वायरस की एक स्टेज एेसी हाेती जहां पर मरीज काे ऑक्सीजन देने के लिए वेंटिलेटर की अति आवश्यकता हाेती है। पूरे देश में इन दिनों काेराेना वायरस काे ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है लेकिन जिला अस्पताल में काेराेना महामारी के इतने दिनाें बाद भी एक वेंटिलेटर नहीं लग सका है। जिला अस्पताल पहले से ही बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सुर्खियों में रहा है। कुछ एक मशीनाें से यहां पर काम चलाया जा रहा है। यहां से अधिकतर राेगियाें काे हायर सेंटर के लिए रेफर करना पड़ता है। यह हाल तब है, जब स्वास्थ्य महकमे को कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सांसद, विधायक निधि से 60 लाख रुपये की भारी भरकम रकम अवमुक्त की गई है। सांसद अजय टम्टा ने 35 लाख, राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने 10 लाख, विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने 10 लाख और विधायक चंदन राम दास ने 5 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। सांसद अजय टम्टा ने कहा कि बागेश्वर के दोनों विधानसभा क्षेत्र में कोराना संक्रमण से निपटने के लिए 17.5-17.5 लाख रुपये की रकम अवमुक्त की गई है। स्वास्थ्य महकमे को प्राथमिकता के आधार पर वेंटिलेटर और अन्य उपकरण खरीदने चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर डॉ. भगत सिंह रावत ने कहा कि मई पहले सप्ताह तक वेंटिलेटर मिलने की उम्मीद है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल बजट के अभाव में एक वेंटिलेटर की डिमांड भेजी गई है।
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