बागेश्वर। दिल्ली के जंतर-मंतर में पुरानी पेंशन बहाली के लिए चल रहे प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों और शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का विरोध तेज हो गया है। जिले के राष्ट्रीय पुरानी पेंशन योजना आंदोलन के कर्मचारियों ने फैसले को तानाशाही रवैया करार दिया। विकास भवन परिसर में एफआईआर की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया।
मंगलवार को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह पालनी के नेतृत्व में कर्मचारी विकास भवन परिसर में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने कहा कि जंतर-मंतर में कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने अनुमति से अधिक संख्या में कर्मचारियों और शिक्षकों के आने का हवाला देते हुए प्राथमिकी दर्ज कर दी।
कहा कि कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए कर्मचारी संघर्ष कर रहे हैं। मांग पूरी करने की बजाय कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठन के सदस्यों ने कर्मचारियों पर दर्ज प्राथमिकी को तत्काल वापस लेने और सरकार से पुरानी पेंशन बहाली करने की मांग की।
इस मौके पर जिला संरक्षक संतोष जोशी, मीडिया प्रभारी धरम सिंह कोरंगा, राजेंद्र कोरंगा, हरीश कोरंगा, गौरव कुमार, शीला तिवारी, हेमा, प्रियंका, मनीषा, भावना आदि मौजूद रहे।