बागेश्वर। मैग्नसाइट कंपनी बनाने के लिए दौरान सितारगंज विस्थापित किए गए कई परिवारों के खेत नंबर बंदोबस्ती में बदल गए थे।
कई लोगाें ने जमीन के हिस्से पर जेल कैंप की ओर से कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने जिले के भ्रमण पर आए मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर समस्याओं का निदान करवाने की मांग की।
मंगलवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से मिले ग्रामीणों ने बताया कि फैक्टरी निर्माण के दौरान मटेला के 174 परिवारों को सितारगंज के कल्याणपुर में विस्थापित किया गया था। प्रत्येक परिवार को एक-एक एकड़ जमीन दी गई थी। नए बंदोबस्त के दौरान कुछ लोगों के खेत नंबर बदल गए थे, जिसके कारण कई लोगों के नाम गलत दर्ज हो गए हैं। इसके कारण भूमिधरी भी नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने सभी परिवारों को पुरानी बंदोबस्ती के अनुसार ही जमीन पर काबिज करने, नए बंदोबस्त में बदले गए नामों को दोबारा दर्ज करने, सभी परिवारों को पुराने बंदोबस्त के आधार पर ही एक-एक एकड़ भूमि देने, जेल कैंप की ओर से कब्जा की गई जमीन की जांच कर विस्थापितों को वापस करवाने की मांग की।
इस मौके पर महेंद्र कुमार टम्टा, बची सिंह, कुंदन सिंह, राजेंद्र सिंह, नंदन सिंह, हेमंत सिंह, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।