बागेश्वर। भूकंप की दृष्टि से जिला जोन पांच में आता है। भूकंप की दृष्टि से खतरनाक चाइना प्लेट भी यहीं से होकर गुजरती है, जबकि बाढ़ और भूस्खलन की दृष्टि से कपकोट तहसील अतिसंवेदनशील श्रेेेणी में आता है तो जिले की अन्य तहसीलें संवेदनशील श्रेणी में हैं। इन आपदाओें से यहां हर साल जन-धन और पशु हानि होती रहती है। आपदा प्रबंधन के तहत कपकोट के केदारेश्वर मैदान में हैलीपैड का निर्माण इन दिनों प्रगति पर है। लेकिन, 10 करोड़ रुपये की लागत से यहां बनने वाले जिला आपदा प्रबंध केंद्र के प्रस्तावित कार्यों पर अभी तक एक भी फावड़ा तक नहीं चल सका है। भगवान न करे संभावित आपदाओं से कोई बड़ी घटना हो, यदि हो गई तो प्रभावितों को तुरंत राहत मिलने में घंटों का समय लग जाएगा।
बता दें कि पिछले वर्ष प्रदेश के मुख्य सचिव राकेेश शर्मा ने विधायक ललित फर्स्वाण की उपस्थिति में कपकोट के ब्लॉक सभागार में अधिकारियों की बैठक ली थी। मुख्य सचिव शर्मा ने केदारेश्वर मैदान की भूमि को जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के लिए उपयुक्त पाया। उन्होंने सिंचाई विभाग और लोनिवि के अधिशासी अभियंताओं को आपदा प्रबंधन केंद्र की कार्य योजना तैयार करके शीघ्र शासन को भेजने के निर्देेश दिए थे। प्रशासन को भूमि का मसला निपटाने समेत अन्य दायित्व समय पर पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत मैदान में हैलीपैड का निर्माण तो तेजी से हो रहा है, जबकि अन्य प्रस्तावित कार्यों में विशाल हॉल, मैदान में आने-जाने के लिए पुल, सड़क, मैदान के पूर्वी हिस्से के समतलीकरण समेत बाढ़ सुरक्षा कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पीबी कर्नाटक ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यक्रम के तहत छह करोड़ रुपये के इस्टीमेट को तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। शासन से बजट होने पर ही प्रस्तावित कार्य शुरू होंगे। कपकोट के लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके तिलारा ने बताया कि जिला आपदा केंद्र के प्रस्तावित कार्यों के निर्माण के लिए उन्हें अभी तक कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। शासन से जो भी निर्देश मिलेंगे उसका पालन किया जाएगा। कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए केदारेश्वर मैदान की भूमि उपलब्ध करा दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र 10 करोड़ रुपये की लागत से बनना है। उन्होंने इसके निर्माण की बुनियाद रखी है। बजट अवमुक्त कराने में भी पूरी ताकत लगाई जाएगी।