डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बंजर भूमि विकास एवं रेखीय विभागों द्वारा किए जाने वाले क्रियाकलापों की समीक्षा बैठक में बंजर भूमि विकास के लिए किए जा रहे क्रियाकलापों और संचालित कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए। कार्यों की प्रगति और उनका प्रस्तुतीकरण फोटोग्राफ सहित उपलब्ध कराना होगा।
विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक में डीएम ने अभिनव प्रयास के तौर पर तीनों विकास खंडों में पांच-पांच न्याय पंचायतों को बंजर भूमि विकास के लिए चयनित करने के निर्देश संबंधित खंड विकास अधिकारियों को दिए।
इसके तहत ग्रामीणों की राय लेकर चयनित ग्रामों में एकल खिड़की की तर्ज पर सामंजस्य स्थापित कर बंजर भूमि में संभावित योजनाओं को समूह द्वारा संचालित करने का निर्णय लिया गया। चयनित बंजर भूमि में अब तक हुई प्रगति की जानकारी के संबंध में जिलाधिकारी ने सभी रेखीय विभागों को समंवय स्थापित कर अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं को संचालित करने के लिए भूमि का मृदा परीक्षण करने को कहा।
उन्होंने कहा कि भूमि सुधारीकरण का कार्य मनरेगा के तहत कराने और चयनित भूमि में कृषि, बागवानी, जड़ीबूटी, चारा घास, चाय उत्पादन से संबंधित जो भी संभावना हो उसके लिए विभाग कार्य योजना तैयार कर लें। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र काफलीगैर, सीमैप, आजीविका, चाय बोर्ड को भी रेखीय विभागों के साथ सामंजस्य स्थापित कर संभावित उत्पादनों को तलाशने को कहा।
हंस फाउंडेशन के परामर्शदाता नंदाबल्लभ अवस्थी ने बताया कि संस्था द्वारा जनपद के पिंडारी घाटी के आठ ग्राम पंचायतों में शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य व जलसंवर्धन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एकीकृत ग्राम विकास परियोजना के तहत सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे है।
संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रोजक्टर के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में सीडीओ केएन तिवारी, कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, डॉ. एनके सिंह, आशीष राय आदि थे।