जिले के दुर्गम प्राइमरी स्कूल सिमायल को एक शिक्षक के सहारे छोड़ दिया
है। शिक्षकों की कमी के कारण पाठशाला में बच्चों की संख्या हर साल घटती जा
रही है।
बैठक में अभिभावकों ने शासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से
शिक्षकों की तैनाती शीघ्र करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि शारीरिक रूप
से 46 प्रतिशत विकलांग प्रधानाध्यापक प्रवीण रौतेला पर पांच कक्षाओं की
पढ़ाई के अलावा एमडीएम और उच्चाधिकारियों को विभागीय सूचना भेजने की
जिम्मेदारी है।
एकल अध्यापकीय इस विद्यालय में वर्ष 2015 से एक ही शिक्षक
तैनात होने के कारण बच्चों की संख्या घटती जा रही है। शासन और शिक्षा विभाग
की उदासीनता के कारण इस बार यहां बच्चों की संख्या घटकर 12 रह गई है। वहां
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शंकर साहनी, ग्राम प्रधान अनिल रौतेला,
हरीश पंत, आनंद राम, भूपेंद्र, पुष्कर राम, दीपक, माधवी देवी, कुसम पंत
आदि थे। ब्यूरो