सीएमओ डा. जेसी मंडल के निर्देश पर चिकित्सा टीम डायरिया प्रभावित नामतीचेटाबगड़ गांव पहुंच गई है। अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र शामा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. जितेश कुमार ने मंगलवार को पहले दिन 50 पीड़ितों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया।
टीम ने प्रभावितों में दवाइयों का वितरण किया।
मालूम हो कि डायरिया से नामतीचेटाबगड़ गांव की भदेना तोक निवासी गोविंद सिंह मेहरा की पत्नी हंशा देवी की शनिवार रात पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। गांव में इस रोग से मदन सिंह, जोहार सिंह, बहादुर सिंह, ख्याली दत्त, मयंक, सूरज, प्रिया लीला देवी, धनुली, लछीमा देवी, पार्वती, परूली देवी समेत दो दर्जन से भी अधिक लोग पस्त पड़ गए थे।
गांव में चिकित्सा के कोई इंतजाम नहीं हैं। इधर सीएमओ डा. जेेसी मंडल के निर्देश पर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. कुमार के नेतृत्व में मंगलवार की सुबह चिकित्सा टीम गांव में पहुंची।
टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और उनमें दवाइयां बांटी। डाक्टर ने बताया डायरिया कंट्रोल में है। उन्होंने ग्रामीणों से बासी भोजन, कटे फल नहीं लेने और पानी उबल कर पीने की सलाह दी। टीम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट के कल्याण सिंह और राजेंद्र लाल वर्मा आदि शामिल थे।
चिकित्सा टीम को ग्राम प्रधान मानुली देवी, सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह कोश्यारी, वार्ड पंच धन सिंह, उप प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकत्री मदद दे रहे हैं।