बागेश्वर। श्रावण के पहले सोमवार में बागनाथ मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। जलाभिषेक के लिए लोगाें को लंबा इंतजार करना पड़ा। भक्तों ने भाेलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए दो-दो घंटे तक लाइन में लगकर इंतजार किया।
बागनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। इसके बाद भक्तों की संख्या में भी इजाफा होता गया। दस बजे तक मंदिर परिसर से बाहर गली तक लाइन लग चुकी थी। हल्की बारिश की फुहारों के बीच पूजा करने के लिए लोगों को एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। मंदिर में दोपहर बाद तक दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला चलता रहा।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने बताया कि श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के पावन जल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पुरोहितों से रुद्री पाठ और शिवार्चन आदि धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए। मंदिर में भीड़ को देखते हुए पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए थे।
पंडित हेम चंद्र जोशी ने बताया कि श्रावण के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती है। दुगनाकुरी, कांडा, काफलीगैर के शिव मंदिरों में भी पहले सोमवार को भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख और समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
बैजनाथ मंदिर में दर्शन को लगानी पड़ी लाइन
गरुड़। बैजनाथ धाम में भी सुबह से दोपहर बाद तक पूजा-अर्चना का दौर चला। नगर पंचायत और आसपास के गांवों से लोग मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव को जल चढ़ाया और पूजा की। पंडित विनय लोहनी ने बताया कि बैजनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा का सौभाग्य भी मिलता है।
शिवालय में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
कपकोट। कपकोट में शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहे। लोग सुबह से ही लोग मंदिरों में पहुंचने लगे। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। पुरोहितों से पूजा अर्चना कराने के बाद भक्तों ने दान देकर पुण्य अर्जित किया। कपकोट के शिवालय, कर्मी, लाथी, तप्तकुंड, भद्रतुंगा, असों, हरसिला जगहों पर स्थित शिव मंदिरों में भी भक्त पूजा करने आए।