बागेश्वर। यूरोपीय देशों में पर्यटन और फलोत्पादन मजबूत आर्थिकी का बड़ा आधार है। उत्तराखंड में भी दोनों चीजों की बेहतर संभावनाएं हैैं। यूरोपीय मॉडल की तर्ज पर पर्यटन, फलोत्पादन को बढ़ावा देने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कनाडा के मैकहिल यूनिवर्सिटी में आयोजित वर्ल्ड सोशल फोरम के सेमिनार से लौटने के बाद बागेश्वर में कही। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में यूरोप की तरह पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग दोनों की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
इन दोनों क्षेत्रों में बेहतर काम करने की जरूरत है। यदि यहां पर पर्यटकों को सुविधाएं मुहैया कराई जाए तो पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा। उत्तराखंड में फलोत्पादन के बावजूद किसानों की आय नहीं हो पाती है। फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां स्थापित की जाय तो राज्य का पर्वतीय क्षेत्र फल उत्पादन के साथ ही विभिन्न प्रमुख निर्यातक भी बन सकता हैै।
उन्होंने बताया कि सेमिनार में दुनिया के विभिन्न देशों से आए 4600 बुद्धिजीवियों ने चार सेमिनारों में मुख्य रूप से पर्वतीय क्षेत्र के विकास की संभावनाओं, अवधारणा, मॉडल पर विचार रखे। इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपी जाएगी।
उन्होंने जिला पंचायत के माध्यम से भी जनपद स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर यूरोपीय मॉडल पर पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लिए प्रयास करने की बात कही। सेमिनार में भाग लेकर लौटे बीसूका के उपाध्यक्ष भुवन पाठक ने बताया कि वर्ल्ड सोशल फोरम अगले छह माह में अगला सेमिनार पिथौरागढ़ में आयोजित करेगा। इस दौरान विधायक ललित फर्स्वाण, दर्जा राज्य मंत्री राजेंद्र टंगड़िया आदि थे।