बागेश्वर में करेंसी का जबरदस्त संकट पैदा हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तक बाजार से जमा होने वाले कैश पर निर्भर हो गया है। प्रमुख धार्मिक और व्यापारिक उत्तरायणी मेले में करेंसी की कमी के कारण आम जनता के साथ ही व्यापारी भी परेशान है। इधर मंगलवार को भी नगर के अधिकांश एटीएम से पैसे नहीं निकले।
नोटबंदी के बाद भले ही अब बाजार में पैसा दिखने लगा हो लेकिन बैंकों में अभी भी करेंसी का जबरदस्त अभाव बना हुआ है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बागेश्वर का एसबीआई पिछले एक सप्ताह से करेंसी की कमी से जूझ रहा है। नोटबंदी के बाद बागेश्वर के एसबीआई को एक अरब रुपए से अधिक की नई करेंसी मिल चुकी है।
परंतु सारा पैसा बंट जाने के बाद बैंक के पास अब कोई रकम नहीं है। बैंक में पिछले एक सप्ताह से बाजार से जमा होने वाली रकम को ही ग्राहकों में बांटा जा रहा है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक आरएस पतियाल ने बताया कि 13 जनवरी को बाजार से छह लाख रुपया जमा हुआ था। इसी में से बैंक में रुपए के लिए आ रहे खाता धारकों को चार हजार रुपए दिए गए।
प्रतिदिन पेट्रोल पंप या अन्य रिटेनरों से जो आठ से 10 लाख रुपए की रकम बैंक में जमा हो रही है उसी से इस समय काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि एक दो दिन के भीतर कैश मिलने की उम्मीद है। इधर करेंसी के अभाव में एसबीआई के एटीएम भी बंद पड़े हैं। नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा का शटर मंगलवार को भी गिरा रहा। कूर्मांचल बैंक के एटीएम में लोगों को लंबी कतार लगानी पड़ी। पीएनबी के एटीएम में भी पैसे नहीं हैं। बैंक और एटीएम से जरूरत के अनुसार पैसे नहीं निकलने से मेले में खरीददारी के लिए आने वालेे लोगों को निराशा हो रही है। कई व्यापारी भी परेशान हैं।