कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता।
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मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी घोषित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संगठन ने शुक्रवार को देश भर की आशाओें का न्यूनतम मानदेय बढ़ाकर 18 हजार करने, राज्य कर्मचारी घोषित करने, पीएफ एवं ईएसएस योजना के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, पांच लाख का मुआवजा, आशाओं को एनएनएम के लिए प्राथमिकता दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
आशाओं ने प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सभी आशा कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर 17 नवंबर को रामलीला मैदान दिल्ली में प्रदर्शन किया गया था।
अभी तक शासन द्वारा उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष रश्मि तिवारी, जिला मंत्री नीमा असवाल, कविता धपोला, हेमा भट्ट, अंजना रावत, बसंती देवी, सुनीता देवी, भारतीय मजदूर संघ के प्रभारी गणेश सिंह बोरा आदि शामिल थे।