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सरकार के पास प्रवासियों के रोजगार की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

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बागेश्वर। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि सरकार सभी प्रवासियों को रोजगार दिलाए लेकिन सरकार ने प्रवासियों के रोजगार के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार को मनरेगा के तहत लोगों को जॉब कार्ड दिलाकर कुछ पैसा एडवांस दिलाना चाहिए, ताकि तीन-चार महीने से बेरोजगार लोगों को दो-तीन महीने तक काम के पैसे का इंतजार न करना पड़े।
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शनिवार को हुई प्रेसवार्ता में सांसद टम्टा ने कहा कि कोरोना के चलते घर लौटे पेशेवर युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाया जाना चाहिए, ताकि जिले से पलायन रुक सके। कहा कि सरकार को स्वरोजगार के लिए ऋण देने से पहले पुराने ऋणों से निजात दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के लिहाज से यह जिला काफी संवेदनशील है। सरकार के लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क, गूल और नहरें नहीं सुधर सकी हैं। इससे बरसात में लोगों के घरों में पानी घुस रहा है। सरकार आपदा प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं दे पा रही है। मुआवजे को लेकर सामने आने वाली मानकों की विसंगतियां दूर करनी चाहिए। आपदा के दौरान नुकसान से बचने के लिए निर्माण कार्यों की टेक्नोलॉजी में बदलाव करना चाहिए। कहा कि कोरोना की रोकथाम को लेकर सरकार को जिले में टेस्टिंग बढ़ाकर खामियां दूर करनी चाहिए। इसके चलते कई बार निगेटिव मामले भी पॉजिटिव मिल रहे हैं। कहा कि सरकार कार्रवाई में भेदभाव कर रही है। बताया कि भाजपा प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार के कोरोना काल में हल्द्वानी, पिथौरागढ़, बागेश्वर में भ्रमण के बाद कोरोना संक्रमित निकलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई जबकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं के साथ धरना, प्रदर्शन किया तो सरकार ने सभी पर मुकदमा दर्ज कर दिया। कहा कि सरकार आम जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
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