बागेश्वर। पहाड़ में गिरते पारे ने जनजीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ अब स्वास्थ्य पर भी हमला तेज कर दिया है। ठंड बढ़ने के कारण जिले में श्वास और छाती से संबंधित बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीजों की बढ़ रही है। जो सर्दी-जुकाम के साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
बीते एक सप्ताह से ठंड और सुबह-शाम की धुंध ने सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 35 से 40 मरीज केवल श्वास संबंधी दिक्कतों के साथ ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
इनमें सबसे अधिक संख्या बुजुर्गों और बच्चों की है। अस्पताल के वार्डों में भी ऐसे मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सीएमएस भैसोड़ा ने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में हवा में नमी और ठंडी हवा फेफड़ों की नली में सूजन पैदा करती हैं।
अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने ऐसे मौसम में ऊनी कपड़े पहनने, गुनगुने पानी का सेवन करने, अत्यधिक सुबह या देर शाम घर से बाहर निकलने से बचने और मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी है।
सांस संबंधी मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में पर्याप्त दवाएं और संसाधन उपलब्ध हैं। मरीजों से अपील है कि किसी भी प्रकार की परेशानी महसूस होने पर अस्पताल में उपचार के लिए आ सकते हैं।
-डॉ. कल्पना पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल