रविवार शाम हुई तेज बारिश से पिंडारी सड़क के कई हिस्सों में मलबा भर गया। निर्माणाधीन गैरखेत-हरसीला सड़क से पत्थर और मलबा गिरने से गांव के कई घरों को खतरा हो गया है। कमस्यार क्षेत्र में बिजली का पोल उखड़ने से क्षेत्र के गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। बगराटी गांव में पेड़ गिरने से एक ग्रामीण के मकान को आंशिक क्षति पहुंची है। भारी बारिश से पोथिंग भटोड़ा उछात और जगथाना सड़क के लामाबगड़ में मलबा भर गया है। सड़कों के बंद होने से ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
रविवार शाम हुई मूसलाधार बारिश से पिंडारी सड़क के देवलचौंरा, हरसीला, खाईबगड़ बगड़ के अलावा पोथिंग और कपकोट कर्मी सड़क के कई हिस्सों में मलबा भर गया है। निर्माणाधीन कपकोट, पोलिंग, हरसीला सड़क से ग्राम पंचायत गैरखेत के सिमार तोक के दलीप सिंह, मोहन सिंह, मुन्नी देवी, नंदी देवी, बसंत सिंह, प्रताप सिंह, नदुली देवी, लक्ष्मण सिंह, पूरन सिंह, गिरीश राम और त्रिलोक राम के मकानों को खतरा बना हुआ है। बारिश से सड़क के पहाड़ी की ओर से मलबा और बड़े बड़े बोल्डर गिर रहे हैं। गांव के अन्य तोकों में रह रहे ग्रामीणों में प्रताप सिंह, बिशन सिंह, पुष्कर सिंह, तेज सिंह, बहादुर सिंह और प्रताप सिंह के घरों को पिछले साल से ही खतरा बना है। वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मल्ला पातल तोक में 40 मीटर सिंचाई नहर को खतरा बना है। नहर में बरसात का पानी आने के कारण हयात सिंह, भवगत सिंह और आन सिंह के मकानों को खतरा बना है। ग्राम प्रधान दरबान सिंह कपकोटी ने लोनिवि से सुरक्षा दीवारों का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग की है। विधायक ललित फर्स्वाण ने लोनिवि को सड़क से मकानों की सुरक्षा के लिए तुरंत कारगर कदम उठाने को कहा है।
उधर, कमस्यार क्षेत्र में हुई बारिश से बिजली में मेन लाइन का पोल उखड़ गया, जिससे क्षेत्र के गांवों में अंधेरा पसर गया है। बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने यूपीसीएल के अभियंताओं से बिजली की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है। उधर, तेज बारिश से पोथिंग भटोड़ा उछात और अनर्सा, जगथाना सड़क के लामाबगड़ के पास मलबा भरने से बंद हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता रतन सिंह दानू पीएमजीएसवाई के अभियंताओं से सड़क से मलबा शीघ्र हटाने की मांग की है।
ओलावृष्टि से फल, सब्जी चौपट
रविवार दोपहर पुंगरघाटी के गांव दोफाड़, नाघर, छातीखेत, ओखलसों और चौंरा आदि में भीषण ओलावृष्टि हुुई। ओलावृष्टि से किसानों के खेतों में बोए धान, मडुवा, गहत, भट, सब्जी और फलों में आम, नाशपाती, खुमानी और पूलम आदि को भारी क्षति हुुई है। फसलें बर्बाद होने के कारण काश्तकारों में मायूसी छाई हुई है। पुंगगरघाटी विकास मंच के अध्यक्ष राजेश रौतेला, प्रवक्ता हरीश कालाकोटी, पुंगरघाटी कृषक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह रौतेला आदि ने शासन प्रशासन से प्रभावितों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।