बागेश्वर/कपकोट। कपकोट के पुड़कुनी (चचई) के जंगल में लगी आग की चपेट में आने से दूसरी महिला की भी मृत्यु हो गई। एक महिला का शव शनिवार को ही मिल गया था। आग से बचने के प्रयास में एक अन्य महिला गिरकर घायल हो गई। उसके पैर में गंभीर चोट आई है। मृतक नंदी देवी राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुमौड़ा में भोजनमाता थीं।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे चचई गांव की तीन महिलाएं जंगल में लगी आग से घिर गई थीं। गांव की गंगा देवी (35) पत्नी दयाल राम ने किसी तरह भागकर जान बचाई। भागते समय गिरकर उसके पैर में चोट आ गई। गंगा देवी ने दोपहर 12:45 फोन से गांव में घटना की जानकारी दी। गांव के लोगों ने मौके पर पहुंचकर खोजबीन की तो चचई गांव की नंदी देवी (40) पत्नी मदन राम का शव शनिवार शाम ही बरामद हो गया था। गांव के लोगों ने शाम को घटना की सूचना कपकोट तहसील में दी। पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम ने रात को खोजा लेकिन अंधेरा होने के कारण इंदिरा देवी का पता नहीं लगा।
रविवार सुबह एक बार फिर ग्रामीण, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीम ने खोजबीन की। इंदिरा देवी (36) पत्नी तारा चंद्र आर्या का झुलसा शव बरामद हो गया। रविवार को तहसीलदार पूजा शर्मा, डीएफओ मयंक शेखर झा, कपकोट थाने के प्रभारी निरीक्षक टीआर वर्मा ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। एसआई सुष्मिता राणा ने पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए।
घटना काफी दुखद है। कपकोट के एसडीएम प्रमोद कुमार को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है। आग लगने की घटना के पीछे किसी का हाथ है, तो इसका भी पता लगाने को कहा गया है। वन विभाग की संस्तुति मिलने के बाद आपदा मद से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
- रंजना राजगुरु, डीएम बागेश्वर।
घटना की जानकारी कपकोट प्रशासन से शनिवार शाम साढ़े सात बजे मिली। आग सीमित दायरे में थी। इसलिए सेटेलाइट के माध्यम से भी घटना का पता नहीं चला। घटना की जांच कराई जा रही है। रेंजर की आख्या मिलने के बाद मुआवजे के लिए संस्तुति प्रशासन को भेजी जाएगी।
- मयंक शेखर झा, डीएफओ बागेश्वर।