बागेश्वर। कपकोट विकासखंड के चचई और जगथाना गांव में गलघोंटू (डिप्थीरिया) रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। चचई गांव में शुक्रवार गले के रोग से पीड़ित एक किशोरी की मौत हो गई। सोमवार को चचई के पड़ोसी गाव जगथाना के एक बालक की मौत हो गई थी, जबकि इससे पहले भी यहां चार बच्चों ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया था। क्षेत्र में जुलाई से गलघोंटू रोग फैला है। इससे क्षेत्रवासियों में दहशत है।
शुक्रवार को मधन राम की पुत्री हिमांशी (15) की मौत हो गई। वह जिला अस्पताल से इलाज करा कुछ दिन पहले घर लौटी थी। चचई गांव निवासी भीम कुमार ने बताया कि हिमांशी के गले में दर्द था। कुछ सुधार के बावजूद शुक्रवार को अचानक उसकी तबियत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। हिमांशी जीआईसी कन्यालीकोट में दसवीं की छात्रा थी। किशोरी की मौत डिप्थीरिया से होने की आशंका है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग जांच के लिए लखनऊ सैंपल भेजने की बात कर रहा है। महकमे के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किशोरी की मौत के कारणों का खुलासा होगा।
चचई, कन्यालीकोट में किया टीकाकरण
बागेश्वर। गलघोंटू रोग की दस्तक के बीच शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चचई और कन्यालीकोट में शिविर लगाकर टीकाकरण किया। डिप्टी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी ने बताया कि चचई गांव में 51 बच्चों को डीपीटी के टीके लगाए गए। बड़ी उम्र के 131 लोगों को डीपी के टीके लगाए गए। 20 लोगों का बुखार का इलाज किया गया। कन्यालीकोट में 35 छोटे बच्चों को डीपीटी के टीके लगाए गए। 75 अन्य लोगों को डीपी के टीके लगाए गए। रविवार को जगथाना चलकाना, पुड़कुनी में टीकाकरण किया जाएगा।
जिस किशोरी की मौत हुई है, उसके सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा। चचई गांव में जोगा राम के पुत्र सौरभ कुमार (10) की तबियत काफी खराब है लेकिन उसकी मां बच्चे को अस्पताल नहीं ला रही है। इस मामले की सूचना प्रशासन को दी जा रही है। टीकाकरण के बाद यह रोग अन्य लोगों में नहीं फैल पाएगा।
- डॉ. पीएस जंगपांगी, डीसीएमओ, बागेश्वर।