दैवी आपदा में ध्वस्त होने वाले मकानों का प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। ताजा उदाहरण जिले के डुंगरी गांव का है। यहां बारिश में एक वृद्ध दिव्यांग के मकान की छत ध्वस्त हो गई, जिसका मुआवजा प्रशासन की ओर से उन्हें महज 52 सौ रुपये दिया गया। पीड़ित ने मुआवजे का यह चेक लेने से इनकार करते हुए एसडीएम से क्षति का निरीक्षण कर उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है।
जिले डुंगरी गांव निवासी धन सिंह हरड़िया दिव्यांग हैं। सरकार से मिलने वाली विकलांग पेंशन से ही उनका गुजर बसर होता है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश में उनके मकान की छत ध्वस्त हो गई थी। सूचना पर राजस्व विभाग ने मौका मुआयना किया था।
बृहस्पतिवार को जब धन सिंह मुआवजा लेने तहसील पहुंचे तो बताया गया कि उन्हें मुआवजे के तौर पर 5200 रुपये मिलेंगे। धन सिंह ने इसे क्षति के हिसाब नाकाफी बताते हुए मुआवजा लेने से इनकार कर दिया। धन सिंह का कहना है कि उन्हें करीब 25 हजार की क्षति पहुंची है। 52 सौ रुपये में छत में लगाने के लिए बल्लियों तक की व्यवस्था नहीं हो पाएगी। पीड़ित दिव्यांग ने एसडीएम से स्थलीय निरीक्षण कर क्षति के हिसाब से मुआवजा देने की गुहार लगाई है।