बागेश्वर ब्लॉक में हुई डेरी विकास संबंधी बैठक में मौजूद पंचायत प्रतिनिधि।
- फोटो : BAGESHWAR
कपकोट (बागेश्वर)। ब्लॉक सभागार में सोमवार को हुई बैठक में डेरी विकास का रूटमैप बनाया गया। प्रधानों के सामने ही क्षेत्र में दुग्ध उपलब्धता का सर्वे कार्यक्रम तय किया गया। बताया गया कि सर्वे में तीन हजार लीटर दूध की उपलब्धता मिलने पर ही डेयरी विकास विभाग काम शुरू करेगा।
ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू, ज्येष्ठ उपप्रमुख हरीश सिंह मेहरा और कनिष्ठ उपप्रमुख कविंद्र सिंह गढ़िया ने बताया कि न्याय पंचायत उतरौड़ा, कपकोट, भराड़ी, असों, द्याली, होराली में दुग्ध उत्पादन होता है। इसलिए वहां डेरी विभाग को दुग्ध संग्रह करना चाहिए। पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक निर्भय सिंह, डॉ. बीसी चंदोला ने बदरी गाय पालन प्रोत्साहन योजना आदि विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने को कहा। बाएफ संस्था के विकास अधिकारी पूरन प्रकाश रावत ने कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी दी। तोली की जिला पंचायत सदस्य प्रभा गढ़िया, उतरौड़ा क्षेत्र के प्रधान पोलिंग की पुष्पा देवी, गैरखेत के दरबान कपकोटी, लिली के सुरेंद्र गढ़िया, चलकाना के बिशन सिंह, बैड़ा मझेड़ा की भावना जोशी, गडेरा की सीता गढ़िया, बीडीसी हेमा दानू सरस्वती देवी, असों शशि शाही, खर्ककानातोली के त्रिलोक नाथ, भयूं के दीपक आर्या, मल्लादेश की विमला देवी, दौला के महेश दानू, दुग नाकुरी क्षेत्र होराली के भोपाल सिंह ऐरी, दारसिंग के प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में भी डेरी खुल सकती है।