बागेश्वर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से नवसंवत्सर के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि सांसद अजय टम्टा ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में अलग पहचान रखती है। हमें अपनी संस्कृति का आदर करना चाहिए। नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान जरूरी है।
आरएसएस के प्रांत प्रचारक युद्धवीर, विभाग प्रचारक भगवान और नैनपाल ने समारोह को संबोधित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत उत्तराखंड राज्य गीत उत्तराखंड देव भूमि, मातृभूमि... के साथ की गई। लोक गायक पप्पू कार्की ने पहाड़ी गीत प्रस्तुत किए। ऐजा रे रंग रंगीलो मेरा मुनस्यार और सिलगड़ी का पाला-चाला... विशेष सराहे गए। स्थानीय कलाकारों ने भी गीत, नृत्य प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। नुमाइशखेत मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। देरशाम तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी था।
कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल, पूर्व मंत्री बलवंत भौरियाल, विक्रम साही, आकाश सारस्वत, धनी राम, मनोहर राम, मन मोहन भाकुनी, भाजपा जिलाध्यक्ष उमा बिष्ट, धीरेंद्र परिहार, मनोज ओली, नागेश्वरी जोशी, शिव सिंह, हरीश सोनी, गीता ऐठानी, सुबोध साह, हरीश मेहरा, हरीदत्त, राजेंद्र परिहार, दीपक घस्याल, चंपा आर्या, चंदन सिंह कोरंगा, लक्ष्मण सिंह, गौरव पंत, आदर्श कठायत, भूपेश मिश्र, मनोज बचखेती, विशाल नेगी, जगदीश दफौटी, मनोज, आशा तिवाड़ी, तारा सिंह रावत, रणजीत भंडारी आदि थे।