सोमवार भगवान बागनाथ की पौराणिक नगरी में कुमाऊं के सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले के शुभारंभ के मौके पर ढोल नगाड़ों के साथ भव्य सांस्कृतिक जुलूस निकाला गया। जुलूस में कुमाऊं के प्राचीन लोक परंपराओं और नंदा राज यात्रा की मनमोहक झलक दिखाई दी। महिलाओं ने रंगोली ओढ़कर भव्य कलशयात्रा निकाली। इससे पहले भगवान बागनाथ के पौराणिक मंदिर में मेले के शांतिपूर्वक संपन्न होने के लिए विशेष प्रार्थना की गई। जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने सांस्कृतिक जुलूस को हरी दिखाई।
सोमवार सुबह विभिन्न हिस्सों से आए सांस्कृतिक दल बागनाथ मंदिर में जमा हुए। नगर पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल की अगुवाई ने मेला समिति से जुड़े लोगों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद सांस्कृतिक दल तहसील परिसर में जमा हुए। जिलाधिकारी राजगुरू ने सांस्कृतिक झांकियों को हरी झंडी दिखाकर मेलास्थल नुमाइशखेत के लिए रवाना किया। कलाकार पारंपरिक वाद्य यंत्रों में थिरकते हुए नगर भ्रमण के बाद नुमाइशखेत मैदान पहुंचे।
खोल दे माता खोल भवानी धरमघर केवाड़ा...
शोभायात्रा के दौरान गायत्री विद्या मंदिर, कुमाऊं लोक सांस्कृतिक उत्थान समिति खर्कटम्टा समेत अन्य स्कूलों और संगठनों से जुड़े लोग प्रस्तुति देते चल रहे थे। सांस्कृतिक जुलूस में नंदा राज राज यात्रा की मन मोहक झलक दिखाई दी। विवेकानंद इंका मंडलसेरा के बच्चों ने जै बोला जै भगवती नंदा...भजन गाया। कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल के बच्चे ने धारचूला (पिथौरगढ़) की संस्कृति की वेशभूषा में सजे हुए थे। सभासद निर्मला दफौटी के नेतृत्व में महिला होल्यार एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर जमकर थिरक रही थी। इस दौरान स्थानीय कलाकार ने चाचरी गाई। वृक्ष प्रेमी किशन मलड़ा के नेतृत्व में कलाकारों ने बैर भगनौलों का गायन किया।
इनकी रही मौजूदगी
विधायक चंदन राम दास, विधायक कपकोट बलवंत भौर्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, रेखा खेतवाल, रणजीत बोरा, इंद्र सिंह परिहार, बाला दत्त तिवारी, भुवन कांडपाल, रघुवीर दफौटी, दीपक खेतवाल, संजय जगाती, जयंत भाकुनी, दलीप खेतवाल आदि थे।