क्षेत्र के आबादी क्षेत्र में एक मादा तेंदुआ अपने दो बच्चों के साथ घुस आई। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ तो जंगल में चली गई, लेकिन उसका एक बच्चा निर्माणाधीन मकान में पत्थरों के बीच दुबक गया। इसे देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम उसे पकड़कर रेंज कार्यालय ले गई।
रविवार सुबह लगभग छह बजे मादा तेेंदुआ अपने बच्चों के साथ मजियाखेत में एक घर के आंगन में घूमती नजर आई। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ एक बच्चे को लेकर जंगल में चली गई, जबकि एक बच्चा निर्माणाधीन मकान में पत्थरों के बीच दुबक गया। तेेंदुए के बच्चे के निर्माणाधीन मकान में होने की सूचना पर वहां लोगों का जमावड़ा लग गया।
इस बीच, सूचना पर डीएफओ आरके सिंह, रेंजर एनडी पांडेय वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कंबल की मदद से बच्चे को पकड़कर पिंजरे में कैद कर लिया और वन विभाग परिसर में ले गए। डीएफओ आरके सिंह नेे बताया कि तेंदुए का बच्चा लगभग दो माह का है। उसे ढूंढने मादा तेंदुआ फिर क्षेत्र में आएगी। इसलिए शाम को ही निगरानी के साथ उसे मां के पास छोड़ा जाएगा।
मजियाखेत के ग्रामीण भयभीत
तेंदुओं ने नगर के आसपास के गांवों को अपना आरामगाह बना लिया है। नदी गांव, मजियाखेत, कफलखेत, रेशम फार्म, कठायतबाड़ा, नीलेश्वर पहाड़ी, मंडलसेरा, बिलौना, कलक्ट्रेट क्षेत्र, मेहनरबुंगा, द्यांगण सहित आसपास के गांवों में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं।
अब शावकों के साथ मादा तेंदुआ के दिनदहाड़े आबादी में आने से मजियाखेत के लोग भयभीत हैं। खड़क राम, गोविंद सिंह, हेम चंद्र, अरविंद, ललित पाठक आदि लोगों ने बताया कि शाम के समय तेंदुआ शावकों के साथ कई बार देखा जा चुका है। उन्होंने वन विभाग से तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।