समूचे जिले में रविवार रात झमाझम बारिश हुई। उधर कपकोट ब्लाक के उच्च हिमालयी क्षेत्र से जुड़े तीन दर्जन से भी अधिक गांव बर्फबारी से लकदक हो गए हैं। गांवों में चार इंच से लेकर एक फुट से भी अधिक बर्फ गिरी है। बर्फ से ढंके गांवों में जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। बारिश और बर्फबारी से समूचे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
लंबे इंतजार के बाद शनिवार शाम जैसे ही मौसम ने करवट बदलनी शुरू की तो प्रकृति ने लोगों की मुराद पूरी कर दी है।
कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्र से जुुड़े तीन दर्जन से भी अधिक गांवों में तीन इंच से लेकर एक फुट से भी अधिक बर्फ गिरी है। मल्ला दानपुर और बिचल्ला दानपुर क्षेत्र के कई गांव बर्फ की सफेद चादर ओढ़े हुए हैं। पैदल रास्ते बर्फ ढके हैं। लंबे समय बाद पड़ी बर्फ से जहां लोग खुश नजर आ रहे हैं, वहीं खेत, खलिहान, रास्ते और जंगल बर्फ से ढके होने से लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। कई गांवों में मवेशियों के सामने चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। उधर पर्यटन नगरी कौसानी से जुड़े पिनाथेश्वर, भर्तीना और भटकोट की चोटियां बर्फ की चादर ओढ़े हुए हैं।
इन गांवों में पड़ी है बर्फ
कपकोट ब्लाक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में बोरबलड़ा, कुंवारी, बदियाकोट, कालो, डौला, कर्मी, बघर, ढोक्टीगांव, बाछम, तीख, सोराग, खाती, धूर, तोली, पोथिंग, चौड़ा, घुरड़िया, पेठी, हरकोट, धुरकोट, सूपी, रिखाड़ी, झूनी, खल्झूनी, मिकिला, खल्पट्टा, लाहुर, गांसी, शामा, लीती, हाम्टी-कापड़ी, रातिरकेठी, मल्खाडुंगर्चा, गोगिना और कीमू आदि शामिल हैं।
पानी की लाइनें हुईं चोक
बर्फबारी प्रभावित अनेक गांवों में पानी की लाइनें भी चोक हो गई हैं। खाती, बाछम, झूनी, मिकिला, खल्पट्टा समेत कई अन्य गांवों में एक फुट तक बर्फ पड़ने से वहां ग्रामीणों को बर्फ पिघला कर प्यास बुझानी पड़ रही है।