न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने एक मामले की सुनवाई करते हुए विपक्षी को एक महीने के भीतर शिकायतकर्ता को 67 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
सिडपा बिलौना के प्रोपराइटर सुरेश शर्मा ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम को दिए शिकायती पत्र में कहा था कि वह विकलांग है।
स्वरोजगार के लिए उसने प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बैंक से लोन लिया। रोजगार के लिए मैसर्स हिम क्योर के प्रोडक्ट विक्रय के लिए हिम क्योर फार्मेस्यूटिकल्स जजी रोड रामपुर यूपी के डायरेक्टर से संपर्क किया। 14 जुलाई को उसने कंपनी को लिखित ऑर्डर देकर 50 हजार रुपये का चेक भी दिया।
16 जुलाई को उसे चेक की प्राप्ति रसीद मिली। उसने कंपनी से मांग के अनुसार प्रोडक्ट शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा लेकिन कंपनी का डायरेक्टर टालमटोली करता रहा और कई बार रामपुर भी बुलाया।
बावजूद उत्पाद नहीं भेजे। जिस कारण उसे बैंक के ब्याज, मानसिक क्षति होने के अलावा रामपुर आने, जाने में उसे शारीरिक कष्ट, आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
फोरम के जिलाध्यक्ष और जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, फोरम के सदस्य संजय लोहनी, मीना फर्त्याल ने पत्रावली का अध्ययन के बाद विपक्षी डायरेक्टर हिम क्योर फार्मेस्यूटिकल्स रामपुर को आदेश दिए कि वह शिकायतकर्ता सुरेश शर्मा को एक महीने के भीतर 50 हजार रुपये, उस पर नौ प्रतिशत ब्याज, समेत 17 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करे।
ऐसा न होने पर शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि वह इस फोरम के माध्यम से आदेश का निष्पादन कराना सुनिश्चित करा ले।